ON September 2, TO 17 ,2020 THE SHRADDHA PAKASHA( Pitru ) WILL BE STARTED
श्राद्ध पक्ष :- २ सितम्बर २०२० से १७ सितम्बर २०२० श्रद्धा पक्ष प्रारम्भ होने जा रहा है। शस्त्रों के अनुसार भाद्रपद मास पूर्णिमा तिथि कृष्णपक्ष से अमावस्या तक श्राद्ध काल (पितृपक्ष)माना जाता है। मनुष्य धार्मिक से अपने मृत व्यक्ति और पूर्वजों के लिए यथोक्त रीति से पितरों का तर्पण करके शांतचित्त होकर पवित्रतापूर्वक पिंडानवाहर्यक श्रद्धा करे।पूर्व ही वेदमे पारंगत विद्वान ब्राह्मण का अन्वेषण करना चाहिये , क्योंकि उसे ही हव्य, कव्य, तीर्थ और दान का अतिथि कहा गया है।श्रद्धा काल में प्रकृति के गुण और तत्वको जानने वाले व्यक्ति को भोजन करना चाहिए। हव्य और कव्य करने में प्रथम कल्प है उसके अभाव में भांजा,नाती, ,बन्धु को भी भोजन करवाया जा सकता है। श्रद्धा में मित्र को भोजन नही कराना चाहिये। इस तरह की दक्षिणा पैशाची होती है। यह परलोक में कोई फल नही मिलता हैं। मनुष्य को हवन यज्ञ करने वाला और तर्पण करने का ज्ञान होना चाहिए ।मन्त्र को न जानने वाला ब्राह्मण देव और पितृकार्य में जितने पिण्डों को ग्रहण करता है।मृत्युके अनन्तर वह उतने ही स्थूल और प्रज्वलित लोहे के पिण्डों (ग्रासो) का भक्षण करता है।
अनुश्रमी- यो द्विजः स्यादाश्रमी वा निरर्थक:
मिथ्याश्रमी च ते विप्रा विज्ञेयः पंक्तिदूषका:
NOTE: If any tithi ends on the early morning of the next day, sharadh rites can be performed even on the next day.
In case of any astrological help,kindly contact at astrologerkamlesh@gmail.com. We study each horoscope completely by individualizing the same and will try to help you in every possible manner.
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